वर्णमाला
व्यंजन के वर्ग (उच्चारण स्थान के अनुसार)
टवर्ग: ट ठ ड ढ ण (मूर्धा से) • तवर्ग: त थ द ध न (दंत से)
पवर्ग: प फ ब भ म (ओष्ठ से) • अंतस्थ: य र ल व • ऊष्म: श ष स ह
संज्ञा
व्यक्तिवाचक
किसी विशेष व्यक्ति/स्थान का नाम
गंगा, दिल्ली, मोहन
जातिवाचक
एक ही जाति की सभी वस्तुओं का सामान्य नाम
लड़का, नदी, पर्वत
भाववाचक
गुण, दोष, अवस्था या भाव का बोध
सुंदरता, बुढ़ापा, ईमानदारी
समूहवाचक
वस्तुओं या व्यक्तियों के समूह का बोध
सेना, भीड़, कक्षा
द्रव्यवाचक
धातु, पदार्थ या द्रव्य का बोध — नापा-तोला जाता है
सोना, दूध, पानी
सर्वनाम
पुरुषवाचक
मैं, तुम, वह, हम, आप
निश्चयवाचक
यह, वह, ये, वे
अनिश्चयवाचक
कोई, कुछ
संबंधवाचक
जो, सो, जिसकी, जिसका
प्रश्नवाचक
कौन, क्या, किसने
निजवाचक
आप (स्वयं के लिए) — "मैं आप यह काम करूँगा"
विशेषण
गुणवाचक
गुण-दोष बताता है
अच्छा, काला, मीठा
संख्यावाचक
संख्या बताता है
पाँच, कुछ, सब, दूसरा
परिमाणवाचक
माप-तौल बताता है
थोड़ा, बहुत, दो किलो
सार्वनामिक
सर्वनाम से बना विशेषण
यह लड़का, वह घर
क्रिया और काल
सकर्मक क्रिया
जिसका फल कर्म पर पड़े
राम ने पत्र लिखा।
अकर्मक क्रिया
जिसका फल कर्ता पर ही पड़े
बच्चा सोता है।
काल के तीन भेद (उदाहरण: जाना)
| काल | उदाहरण |
|---|---|
| वर्तमान काल | मैं जाता हूँ |
| भूत काल | मैं गया |
| भविष्य काल | मैं जाऊँगा |
लिंग और वचन
पुल्लिंग
लड़का, घोड़ा, राजा
स्त्रीलिंग
लड़की, घोड़ी, रानी
एकवचन
किताब, लड़का
बहुवचन
किताबें, लड़के
कारक
आठों कारक और उनकी विभक्तियाँ
| कारक | विभक्ति चिन्ह | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्ता | ने | राम ने पढ़ा |
| कर्म | को | राम ने श्याम को बुलाया |
| करण | से, द्वारा | वह कलम से लिखता है |
| संप्रदान | के लिए, को | माँ बच्चे के लिए फल लाई |
| अपादान | से (अलगाव) | पेड़ से पत्ता गिरा |
| संबंध | का, की, के | यह राम का घर है |
| अधिकरण | में, पर | पक्षी पेड़ पर बैठा है |
| संबोधन | हे, अरे | हे ईश्वर! |
संधि और समास
संधि — दो वर्णों के मेल से बना नया रूप
व्यंजन संधि: जगत् + नाथ = जगन्नाथ
विसर्ग संधि: मनः + योग = मनोयोग
समास — दो शब्दों का संक्षिप्त मेल
| भेद | उदाहरण |
|---|---|
| तत्पुरुष | राजपुत्र (राजा का पुत्र) |
| द्वंद्व | माता-पिता |
| कर्मधारय | नीलकमल (नीला है जो कमल) |
| बहुव्रीहि | दशानन (दस हैं आनन जिसके — रावण) |
| अव्ययीभाव | यथाशक्ति |
| द्विगु | त्रिभुज |
वाक्य के भेद
रचना के आधार पर
संयुक्त वाक्य: दो स्वतंत्र उपवाक्य 'और/पर' से जुड़े — "राम पढ़ता है और श्याम खेलता है।"
मिश्र वाक्य: एक प्रधान + एक आश्रित उपवाक्य — "जो मेहनत करता है, वह सफल होता है।"